डबल मर्डर मामलाः दोनों चचेरे भाईयों ने एक साथ किया था देवदर्शन

ललितपुर। रविवार को दंपती की हुई हत्या के कारण को लेकर अभी भी पुलिस और परिजन अंधेरे में हैं, जो वजह बताई जा रही है वह किसी के भी गले नहीं उतर रही है। वारदात से ठीक एक दिन पहले दोनों चचेरे भाई भरत और रामआसरे अपने पैतृक गांव ऐरा गए थे, यहां दोनों ने साथ- साथ देव दर्शन किए तथा परिजनों व गांवों के लोगों से दोनों ने कहा कि पैरोल खत्म हो रही है कल जेल चले जाएंगे चाचा। उन्होंने बुजुर्गेों के पैर छूकर आशीर्वाद लिया तथा वहां से हंसी खुशी से ललितपुर वापस आ गए। रात भर में ऐसा क्या हुआ कि भरत ने अपने भाई और भाभी की जान ले ली। हालांकि, अब तक यही कहा जा रहा है कि भरत चाहता था कि रामआसरे जेल न जाकर उसके साथ फरार हो जाए और उसकी बात न मानने पर उसने राम आसरे व उसकी पत्नी की हत्या कर दी।
 

तीन साल पहले भी पैरोल पर आए थे दोनों भाई
तीन साल पहले भी दोनों चचेरे भाई आए थे पैरोल पर, नहीं था कोई विवाद मोहल्ला सिविल लाइन में रविवार को चचेरे भाई व भाभी की हत्या करने वाले हत्यारोपी व मरने वाला चचेरा भाई तीन साल पहले भी पैरोल पर घर आए थे। कुछ माह के अंतराल पर दोनों के पिता पैरोल पर छूटकर ललितपुर आए थे। लेकिन, उस दौरान उनमें विवाद की स्थिति नहीं थी। परिजनों के अनुसार मृतक रामआसरे एवं उसका चचेरा भाई हत्या आरोपी भरत दोनों पहले भी वर्ष 2016 में पैरोल पर छूटकर घर आए थे, लेकिन उस दौरान उनके बीच किसी प्रकार का विवाद या ऐसी स्थिति सामने नहीं आई थी। उसी दौरान तीन से चार माह के अंतराल पर हत्यारोपी भरत पटेल के पिता सुंदर कुर्मी एवं रामआसरे के पिता छोटेलाल भी पैरोल पर छूटकर घर आए थे। यह सभी ग्राम मदनपुर निवासी रवींद्र हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे हैं। इनके अलावा परिवार के तीन अन्य लोग भी आजीवन कारावास में जेल में बंद चल रहे हैं। इनमें रामअवतार और जयदेव भी पैरोल पर बाहर आ चुके हैं, जबकि सातवां कैदी कपूर अब तक पैरोल पर कभी बाहर नहीं आया।
गांव में छाया रहा मातम
बीते रोज हुई दंपती की हत्या के बाद आज सोमवार को पैतृक गांव ऐरा में अंतिम संस्कार कर दिया गया। एक साथ उठी दो अर्थियों को देखकर जहां परिजन दहाड़े मारकर रो पड़े तथा चीत्कारें मच गईं ,वहीं गांव के लोगों की भी आंखें नम हो गईं। गांव में मातम पसर ा हुआ है। कई घरों में आज चूल्हे भी नहीं जले। दिन भर मृतक के घर पर सांत्वना देने वालों का तांता लगा रहा।
थाना जाखलौन के ग्राम ऐरा और हाल सिविल लाइन निवासी भरत पुत्र सुंदरलाल कुुर्मी ने रविवार की सुबह अपने चचेरे भाई रामआसरे उर्फ भोलू एवं भाभी सुनीता की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा हो गया था। पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर कड़ी सुरक्षा के बीच उनका पोस्टमार्टम कराया और उसके बाद रविवार को दोपहर में दंपती के शवों को पैतृक गांव ऐरा ले जाया गया, जहां एक साथ दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। अर्थी उठते ही सभी भाई भरत को कोस रहे थे और अनाथ हो चुके बच्चों के भविष्य को लेकर चर्चाएं करते रहे। मृतकों के परिवार के किसी भी घर में चूल्हा नहीं जला।
पुत्र को डॉक्टर व पुत्री को सीए बनाना चाहता था रामआसरे
मृतक रामआसरे व उनकी पत्नी सुनीता के दो बच्चे हैं, इनमें लड़का अश्विनी पिता के जेल जाने के बाद ललितपुर में मां व चाचा के साथ रहकर 11वीं की पढ़ाई कर रहा था। जबकि, पुत्री अर्पिता भोपाल में बीकॉम प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रही है। पिता जब जेल से पैरोल पर छूटकर घर आए थे तो वह अपने पुत्र से डॉक्टर बनाने की बात कहते थे, जबकि पुत्री अर्पिता को वह चार्टर एकाउंटेंट बनाना चाहते थे। पिता ने आगरा जाने से पहले पुत्र व पुत्री से अच्छे से पढ़ाई कर उनका सपना पूरा करने की बात कही थी। पिता द्वारा डॉक्टर बनाने के सपने की बात कहते हुए पुत्र भावुक हो गया। पुत्री माता पिता के गम से अब भी बाहर नहीं आ सकी है और उसने दो दिन से कुछ नहीं खाया है। हालांकि, परिजन व रिश्तेदार उन्हें सांत्वना देते रहे। माता- पिता का साया उठने के बाद अब उसके चाचा राजीव, चाची रश्मि एवं उनके अन्य परिजन दोनों बच्चों का देखरेख करेंगे।
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गांव व शहर में जमीन जायदाद से मजबूत थे दोनों भाई
मृतक रामआसरे व उसका हत्यारोपी भरत शहर व गांव में जमीन जायदाद से संपन्न व्यक्ति हैं। मृतक के नाम पैतृक जमीन करीब अस्सी एकड़ के आसपास है। जबकि, शहर व गांव में उसकी खुद की बनाई हुई जायदाद है। हत्यारोपी व उसका परिवार भी जायदाद में अपने चचेरे भाई से कमजोर नहीं है।
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पैरोल खत्म होने से एक दिन पहले दोनों भाई पहुंचे थे गांव
पैरोल खत्म होने से एक दिन पहले हत्यारोपी भरत एवं चचेरा भाई रामआसरे दोनों शनिवार को अपने पैतृक गांव में घर पहुंचे और पैरोल खत्म होने पर रविवार को जेल जाने की बात करके अपने बुजुर्गों का आशीर्वाद भी लिया। गांव में स्थित मंदिर में देवी- देवताओं के दर्शन दोनों ने साथ किए। गांव में सभी स्वजनों से मिलकर ललितपुर लौट आए थे, जिसके अगले दिन रविवार को भरत ने इस हत्याकांड को अंजाम दिया।
थाना कोतवाली पुलिस ने चचेरे भाई रामआसरे एवं भाभी सुनीता की हत्या के आरोपी भरत के पास से 315 बोर का तमंचा एवं पांच जिंदा कारतूस बरामद कर लिए। कोतवाली पुलिस ने हत्यारोपी को सोमवार को न्यायालय में पेश करके जेल भेज दिया।